Sehwag International School
पहले के जमाने में जब बच्चे काफी शैतानी करते थे, तो माता – पिता गुस्से में कहते थे ‘हम तुम्हे बोर्डिंग स्कूल में भेज देंगे.’ उनकी धमकी सुन बच्चे भी डर जाते थे और शैतानी भी कम कर देते थे, लेकिन अब जमाना बदलगया है.

बच्चे शरारती हों या ना हों उनका एड्मिशन बोर्डिंग स्कूल में कराया जा रहा है. आज कई पेरेंट्स अपने बच्चों का एड्मिशन बोर्डिंग स्कूल में ही करना चाहते हैं, ताकि बच्चे फ्लेक्सिबल बन पाए. पेरेंट्स का मानना है की बोर्डिंग स्कूल के बच्चों में ……….